धनतेरस


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2021 धनतेरस क्यों और कैसे मनाई जाती है पूजा शुभ मुहूर्त ? : Why and how is Dhanteras celebrated and Pooja auspicious time ?

आइए जानते हैं कि 2021 में धनतेरस कब है और धनतेरस की तारीख व मुहूर्त क्या होगा। धनतेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। धन तेरस को धन त्रयोदशी और धनवंतरी जयंती के रूप में भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा के जनक, धन्वंतरी देव, समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धन तेरस को धन्वंतरी जयंती भी कहा जाता है। जब धन्वंतरी देव समुद्र के मंथन के साथ प्रकट हुए, उस समय उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। यही कारण है कि धन तेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। दीपावली की शुरुआत धनतेरस के त्योहार से होती है।

धन तेरस का शास्त्रोक्त नियम

  1. धनतेरस कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की उदयव्यापिनी त्रयोदशी की समय मनाई जाती है। यहाँ उदयव्यापिनी त्रयोदशी का अर्थ है, यदि त्रयोदशी की तिथि सूर्य उदय के साथ शुरू होती है, तो धनतेरस मनाया जाना चाहिए।
  2. धन तेरस के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्त) में यमराज को दीपदान भी किया जाता है। यदि दोनों दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल को स्पर्श करती है या नहीं करती है, तो दोनों ही स्थितियों में दूसरे दिन दीपदान किया जाता है।

धनतेरस की पूजा विधि और धार्मिक कर्म

मानव जीवन की सबसे बड़ी दौलत अच्छी सेहत है, इसलिए, आयुर्वेद के देव धन्वंतरि के अवतरण दिवस यानि धन तेरस पर स्वास्थ्य रूपी धन की प्राप्ति के लिए यह त्यौहार मनाया जाना चाहिए।

  1. धनतेरस पर धनवंतरी देव की षोडशोपचार पूजा करने का विधान है। षोडशोपचार यानी 16 क्रियाओं के साथ पूजा करना। इनमें आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन (सुगंधित पेयजल), स्नान, वस्त्र, आभूषण, गन्ध (केसर-चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन (शुद्ध जल), दक्षिणाम्ब ताम्बूल, आरती, परिक्रमा आदि शामिल हैं।
  2. धनतेरस पर पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि बर्तन खरीदने से धन समृद्धि होती है। इसी आधार पर इसे धन त्रयोदशी या धनतेरस कहा जाता है।
  3. इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाने चाहिए। क्योंकि दीपावली का त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाता है।
  4. धनतेरस के दिन, शाम को, यम देव के लिए एक दीपक चढ़ाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को मृत्यु देवता यम के भय से मुक्ति मिलती है।

आप सभी पाठकों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं। हम आशा करते हैं कि धन्वंतरि देव की कृपा आप पर बनी रहे और आप निरोगी व स्वस्थ रहें।